मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के बारे में

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के बारे में जानें

मध्यप्रदेश शासन ने जून 2012 में इस योजना का शुभारंभ किया है| इस योजना में प्रदेश के वरिष्ठ नागरिको जिनकी आयु 60 वर्ष पूर्ण हो चुकी है, देश के चिन्हित तीर्थ स्थलों में से किसी एक तीर्थ स्थल की नि: शुल्क यात्रा कराई जाती है| यात्रीयो को विशेष रेल से यात्रा, खाने – पीने की सामग्री, रुकने की व्यवस्था, जहाँ आवश्यक हो बस से यात्रा, गाइड व् अन्य सुविधाएँ मध्यप्रदेश शासन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग से अनुबंधित इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा उपलब्ध करायी जाती है|

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन हेतु तीर्थ स्थान की सूची

(अ) परिशिष्ट (एक) –
  1. श्री बद्रीनाथ
  2. श्री केदारनाथ
  3. श्री जगन्नाथ पुरी
  4. श्री द्वारकापुरी
  5. हरिद्वार
  6. अमरनाथ
  7. वैष्णोदेवी
  8. शिर्डी
  9. तिरुपति
  10. अजमेर शरीफ
  11. काशी (वाराणसी)
  12. गया
  13. अमृतसर
  14. रामेश्वरम्
  15. सम्मेद शिखर
  16. श्रवणबेलगोला
  17. वेलाकानी चर्च (नागपट्टनम )
  18. (17-अ) श्री रामदेवरा, जेसलमेर
  19. गंगासागर
  20. कामाख्या देवी
  21. गिरनार जी
  22. पटना साहिब
  23. मध्य प्रदेश के तीर्थ स्थल – उज्जैन, मेहर, श्री रामराजा मंदिर ओरछा, चित्रकूट, ओंकारेश्वर, महेश्वर और मुडवारा|
(ब) परिशिष्ट (दो) –
  1. रामेश्वरम् – मदुरई
  2. तिरुपति – श्री कालहस्ती
  3. द्वारका – सोमनाथ
  4. पूरी – गंगासागर
  5. हरिद्वार – ऋषिकेश
  6. अमृतसर – वैष्णोदेवी
  7. काशी – गया|

तीर्थ दर्शन के पात्र व्यक्ति

  • मध्यप्रदेश का मूल निवासी हो|
  • आयकर दाता न हो|
  • 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर चूका हो|
  • महिलाओ के मामले में 2 वर्ष की छुट अर्थात 58 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी हो|
  • ऐसे दिव्यांग नागरिक जिनकी विकलांगता 60 प्रतिशत से अधिक हो, आयु का बंधन नहीं है|
  • यदि पति – पत्नी साथ यात्रा करना चाहते है तो पति/पत्नी में से किसी एक को पत्रता होने पर जीवन साथी भी यात्रा पर जा सकता है, भले ही उसकी आयु 60 वर्ष से कम हो|
  • इस योजना के अंतर्गत व्यक्ति को अपने जीवन काल में नाम निर्दिष्ट किसी एक तीर्थ स्थल का एक बार तीर्थ यात्रा का लाभ दिए जाने का प्रावधान|
  • तीर्थ यात्रा हेतु समूह बनाकर आवेदन किया जा सकता है, समूह का मुखिया मुख्य आवेदक होगाı किन्तु ऐसा समूह 25 व्यक्तियों से अधिक का नही होगा|
  • नवीनतम प्रावधान अनुसार पूर्व में यात्रा किये पाच वर्ष की अवधि पूर्ण होने के उपरांत पुनः यात्रा के लिए पात्र होंगे, साथ ही वर्तमान के तीर्थ स्थलों के समीप के तीर्थो की यात्रा का प्रावधान किया गया है|
  • यात्रा हेतु शारीरिक एवं मानसिक रूप से सक्षम हो, और किसी संक्रामक रोग जैसे – टी.बी., कोंजेष्टिव, कार्डियाक, शवास में अवरोध सम्बन्धी बीमारी, कोरोनरी अपर्याप्तता, कोरोनरी थ्रोम्बोसिस, मानसिक व्याधि, संक्रमण, कुष्ठ रोग आदि से ग्रसित न हो|

आवेदन प्रक्रिया

  • आवेदन निर्धारित प्रारूप में दो प्रतियों में भरना|
  • आवेदन पत्र हिंदी में भरा जाना है|
  • आवेदन के निर्धारित स्थान पर नवीनतम रंगीन पासपोर्ट साइज़ फोटो लगाना है|
  • निवास के प्रमाण पत्र जैसे – समग्र आईडी युक्त पात्रता पर्ची (राशन कार्ड), ड्राइविंग लाइसेंस, बिजली बिल, मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, अथवा निवास के सम्बन्ध में अन्य कोई विधि मान्य दस्तावेज में से कम से कम एक दस्तावेज की प्रतिलिपि देना|
  • आपात स्थिति में निकट संबंधियों से संपर्क हेतु किन्ही दो व्यक्तियों के मोबाइल नंबर तथा निवास का पता देना अनिवार्य है| कम से कम एक व्यक्ति का मोबाइल नंबर आवश्यक है|

देखभाल हेतु सहायक की पात्रता

  • 65 वर्ष से अधिक आयु के एकल तीर्थ यात्री, 65 वर्ष से अधिक आयु के पति- पत्नी एवं 60 प्रतिशत से अधिक विकलांग वाले व्यक्ति को सहायक (केयर टेकर ) ले जाने की पात्रता है|
  • समूह / जत्था के रूप में यात्रा करने पर 3 से 5 व्यक्तियों के समूह को एक सहायक (केयर टेकर ) की पात्रता होगी|

आवेदन कहा दे सकते है

  • सामान्यत: तहसील / उप तहसील कार्यालय में आवेदन देने की व्यवस्था की गई है|
  • प्रशासनिक व्यवस्था एवं जन सुविधाओ को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर द्वारा नियत स्थान / कार्यालय जैसे – नगर पालिका, नगर निगम, जनपद पंचायत कार्यालय इत्यादि भी हो सकते है|

यात्रा में क्या करना वर्जित है

  • यात्री ज्वलनशील पदार्थ एवं मादक पदार्थ साथ नही ले जा सकते|
  • यात्री को बहुमूल्य रत्न, आभूषण आदि साथ नही ले जाना चाहिए|
  • यात्रा एवं तीर्थ दर्शन के दौरान ऐसा आचरण न करे, जिससे प्रदेश की छवि धूमिल हो|

यात्रा के समय क्या करना चाहिए

  • सम्पर्क अधिकारी / अनुरक्षक के निर्देशों का पालन करे|
  • अच्छा आचरण करे|
  • यात्रा के अनुभव एवं वृत्तांतो को आपस में बांटे|
  • यात्रियों को अपने साथ परिचय पत्र साथ लाना आवश्यक होगा|

कलेक्टर द्वारा किये जाने वाली व्यवस्था

  • आवेदन पत्र प्राप्त करवाना|
  • तीर्थ यात्रियों का चयन|
  • शासकीय अधिकारी / कर्मचारियों की अनुरक्षक के रूप में ड्यूटी|
  • यात्रा हेतु सुरक्षाकर्मी की तैनाती|
  • स्वास्थ्य परीक्षण हेतु चिकित्सक की व्यवस्था|
  • यात्रियों को टिकिट वितरण करवाना तथा प्लेटफार्म से विशेष ट्रेन में बैठाना|